राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने योग तथा आयुर्वेदिक जीवन पद्धति पर आयोजित वेबीनार का शुभारंभ किया

Last Updated : Jun 11, 2020   Views : 124

राज भवन देहरादून :

मुख्य सार :

आज पूरा विश्व योग एवं आयुर्वेद को अपना रहा है 

योग एवं आयुर्वेद मानव की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष योगदान देता है

भारत में तैयार की गई आयुर्वेदिक औषधियों और काढे की मांग यूनिटी बूस्टर के रूप में पूरे विश्व में बढ़ गई है

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन स्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक को “श्री हनुमान चालीसा” “श्री शिव तांडव स्त्रोत” और” दिव्या भारती” का विमोचन किया

11 जून राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने गुरुवार को राज्य भवन में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन संस्थान देहरादून द्वारा योग तथा आयुर्वेद जीवन पद्धति पर आयोजित वेबीनार का शुभारंभ किया।

राज्यपाल ने कहा कि आज पूरा विश्व योग एवं आयुर्वेद को अपना रहा है कोरोना वायरस से बचाव के लिए मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली का होना बहुत आवश्यक है योग एवं आयुर्वेद मानव की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में विशेष योगदान देता है। भारत में तैयार की गई आयुर्वेदिक औषधियों और काढे की मांग यूनिटी बूस्टर के रूप में पूरे विश्व में बढ़ गई है एक रिपोर्ट के अनुसार अमेजन जैसे ऑनलाइन कंपनियों के भारत में व्यापार का एक बड़ा भाग आयुर्वेद उत्पादों का है। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े-बड़े नेता और विश्व प्रसिद्ध लोग भी योग एवं आयुर्वेद को पुरस्कृत व प्रचारित कर रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आज कोरोना महामारी के कारण हर व्यक्ति तनाव ग्रस्त है तो ध्यान रहे स्वास्थ्य नियंत्रण व प्राणायाम जीवन में सकारात्मक संतुलन स्थापित करने में सहायक है। योगाभयास का परम उद्देश्य मस्तिष्क व शरीर का बाहरी परिस्थितियों व प्रकृति के संतुलन स्थापित करना है । योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि तनाव अवसाद जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है।

उत्तराखंड के आयुष विभाग ने एक आयुर्वेदिक काढ़ा बनाया है इसका नियमित उपयोग निश्चित रूप से लाभकारी होगा इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन स्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक को “श्री हनुमान चालीसा” “श्री शिव तांडव स्त्रोत” और” दिव्या भारती” का विमोचन किया या बड़े शब्दों के साथ दृष्टिबाधित एवं लोगों के लिए ब्रेल लिपि सहित प्रकाशित की गई है इनपुट भी है सुना जा सकता है। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर आयुर्वेदिक पंकज कुमार श्री सुनील और जुड़े हुए थे।

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