नैनीताल जिले के सुयालबाड़ी के चैफा गांव में रहने वाले हरीश नेगी ने मिसाल पेश की है

Last Updated : Jul 02, 2020   Views : 69

नैनीताल : प्रदीप कैंतुरा  :

लाॅकडाउन के दौरान घर आए प्रवासी उत्तराखंडी अब अपने घर पर ही स्वरोजगार करने लगे हैं। नैनीताल जिले के सुयालबाड़ी के चैफा गांव में दिल्ली में एक होटल में काम करने वाले हरीश नेगी ने मिसाल पेश की है। गांव लौटने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया, लेकिन हरीश ने इंटरनेट के माध्यम से जानकारियां जुटाकर बिच्छू घास को रोजगार का नया जरिया बना लिया। बिच्छू घास को आयुर्वेद में बेहद गुणकारी बताया गया है। उनका कहना है कि इसके गुणों के अनुसार बिच्छु घास से चाय बनाई और बाजार में सुखाकार बेचना शुरू किया। हरीश के काम में उनकी पत्नी ली ने पूरा सहयोग किया। ली ने बिच्छु घास को काटकर लाने का काम किया और उसे सुखाकर 10-10 किलो के बैग बनाकर हल्द्वानी में ही 200 रुपये प्रति बैग कीमत पर बेच दिए। इससे उनको अच्छी आमदनी भी हो रही है।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट को जब इसकी जानकारी मिली तो वो गांव पहुंचे और हरीश नेगी की पूरी योजना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हरीश नेगी प्रवासियों के लिए रोल माॅडल साबित होंगे। इस तरह के प्रयासों से प्रवासियों को गांव में ही रोजगार मिलेगा।

from : DD news

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