“शहीदों को समर्पित कविता” नागेंद्र सिंह रावत पूर्व सैनिक

Last Updated : Jun 21, 2020   Views : 144

शहीदों को समर्पित कविता:

नागेंद्र सिंह रावत
पूर्व सैनिक

यह सूंदर कविता नागेंद्र सिंह रावत पूर्व सैनिक ग्राम कांडी ने हमारे सैनिको के सम्मान में लिखी

शहादत से सेहरा बंधे ,मृत्यु से विवाह रचता  हूं ,
जन्म भूमि की रक्षा खातिर, अपनी भेंट चढ़ाता हूं,
मैं तेरा बेटा बनकर आया, इस दुनिया में मां लेकिन,
भारत मां का बेटा बनकर, इस दुनिया से जाता हूं।।

मां देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुंदर खिलता है,
ऐसा कफन मेरी मां बस, किस्मत वालों को मिलता है
देख समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हूं ,
भारत मां का बेटा बनकर, इस दुनिया से जाता हूं ||

एक अकेले मैंने मां, दस दस को धूल चटाई है,
मैंने पीठ दिखाई नहीं, सीने में गोली खाई है।
गिरने से पहले सत्रु को, तारे दिन में दिख लाता हूं ,
भारत मां का बेटा बनकर, इस दुनिया से जाता हूं।।

मेरे इस शहादत को मां, तुम आंसू से मत धो देना,
मरकर भी मैं अमर हुआ, तुम वीरगति पर मत रो देना,
देकर सांसे मातृभूमि को, इसका कर चुकाता हूं,
भारत मां का बेटा बनकर इस, दुनिया से जाता हूं।।

ऋणी हू तेरा मेरी मां, ऋण तेरा ना चुका पाया मैं,
तेरे कदमों में में खुशियों, का माला ना सजा पाया में,
पर भारत मां के चरणों में, अपनी देह बिछाता हू,
भारत मां का बेटा बनकर इस, दुनिया से जाता हूं।।

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