अगलाड नदी में पारंपरिक मौण मेला ‘कोरोना’ महामारी चलते इस बार नही होगा।

Last Updated : Jun 23, 2020   Views : 126

कैम्पटी, मसूरी

जयपाल राणा द्वारा बताया गया की :-मौण मेला समिति जौनपुर, टिहरी गढ़वाल, ने कोरोना महामारी के चलते इस बार जौनपुर कर पारंपरिक मौण मेले को स्थगित किया गया है । क्षेत्र के लोगों व पांतिदारो की राय सुमारी के बाद मौण मेला समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया है। इस बार देश और दुनिया में कोरोना के महामारी के कारण यैसे बहुत सारे सार्वजनिक कार्यकर्म रद्द हुए है, सब लोगो ने सबकी सलामती के लिए यह निर्णय लिया।

यह मेला जून माह में अगलाड नदी में होता था,इसमें छेत्र के हजारो लोग शामिल होते थे, इस मेले में मछली पकड़ने की प्रतियोगिता होती है कौन सबसे जायदा मछली पकड़ सकता है। इस मेले में जौनपुर, जौनसार के लोग शामिल होती है और मेले के शुरुवाद अपने लोकगीत वह वाद्य यंत्रो के साथ सुरु होता है, यहाँ के लोगो को इस मेले का काफी इन्तजार रहता है जो की इस बार नही होगा।

मौण मेला समिति सभी देवी देवताओं से प्रार्थना करती है कि इस संकट घड़ी में लोगों की इस महामारी से रक्षा करे और सभी को स्वस्थ रखें।

मेले का ऐतिहासिक महत्व

इस ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ 1866 में तत्कालीन टिहरी नरेश ने किया था। तब से जौनपुर में निरंतर इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। वहीं मेले में जौनपुर जौनसार की संस्कृति की झलक भी देँखने को मिलती है। मेले की खास बात यह है कि यहां पर टिमरू के पौधे की छाल निकालकर इसे धूप में सुखाने के बाद घराट में पीसा जाता है और नदी में डिमरू पाउडर डालने से पहले लोग ढोल-दमाउ की थाप पर जमकर नृत्य करते हैं। मछली पकड़ने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा पारंपरिक यंत्र का प्रयोग किया जाता है और लोग शाम को गांव पहुंचकर इस त्योहार को धूमधाम से मनाते हैं। इस मेले में करीब 114 से अधिक गांवों के लोग शिरकत करते हैं।

https://www.youtube.com/watch?v=4s1NwA_rgqM

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